पूर्ण वंदे मातरम लीरिक्स इन हिन्दी
वन्दे मातरम्।
सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलाम् मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।
शुभ्रज्योत्स्नाम् पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदां वरदां मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।
कोटि कोटि कण्ठ कल कल निनाद कराले
कोटि कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले
के बोले मा तुमी अबले
बहुबल धारिणीम् नमामि तारिणीम्
रिपुदलवारिणीम् मातरम्॥
वन्दे मातरम्।।
तुमि विद्या तुमि धर्म,
तुमि ह्रदि तुमि मर्म
त्वं हि प्राणाः शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारै प्रतिमा गडि मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्॥
वन्दे मातरम्।।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदल विहारिणी
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्
नमामि कमलां अमलां अतुलाम्
सुजलां सुफलां मातरम्॥
वन्दे मातरम्।।
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम्
धरणीं भरणीं मातरम्॥
वन्दे मातरम् ।।
वंदे मातरम ने 7 नवम्बर 2025 को पूरे 150 वर्ष पूरे किये है । इसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन दिवस पर लिखा था ।